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297+ Jealous Quotes in Hindi | ईर्ष्या और जलन कोट्स

हमारे आगे निकल जाने का इर !!

करते रहो जिसका जो काम हैं !!
जलने वालों को मेरा प्रणाम हैं !!

प्रेम से बड़ी न कोई महिमा हैं !!
न ही ईर्ष्या से बड़ी कोई सजा !!

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मनुष्य अपने अभाव से इतना दुःखी नही हैं !!
जितना दूसरों के प्रभाव से दुःखी होता हैं !!

किसी से ईर्ष्या करके मनुष्य उसका कुछ नही बिगाड़ !!
सकता हैं पर अपनी नींद और सुख चैन अवश्य खो देता हैं !!

इंसान सिर्फ आग से नहीं जलता !!
कुछ लोग तो हमारे अंदाज से जल जाते हैं !!

ईर्ष्या पर समय बर्बाद मत करो !!
कभी आप आगे हैं तो  कभी पीछे !!

ज़िन्दगी के इस दौर में कुछ ऐसा करना है !!
अपने भी जले मेरी कामयाबी से !!

खुशियां मेरी !!
मेरे अपनों को ही रास नहीं आती !!

जैसे कुत्तों की पूंछ कभी सीधी नही हो सकती वैसे ही !!
घटिया इंसान की घटिया सोच कभी सही नही हो सकती !!

ईष्ष्या की आग में बहुत ताकत होती है जनाब !!
कईयो के घर की युं ही तबाह कर देती है !!

इतना जलते क्यों हो !!
खुद की काबिलियत पर शक़ है तुम्हें या !!

वह व्यक्ति जो बलशाली बनने में असमर्थ !!
हो जाता हैं वह फिर ईर्ष्यालु बन जाता हैं !!

हर किसी को सफाई मत दिया करो तुम !!
इंसान हो कोई Detergent Powder नही !!

ईर्ष्या तब जन्म लेकर मन मे पलती हैं !!
जब अंहकार किसी बेबस पर हँसती हैं !!

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Jealous Quotes in Hindi

जब आप फिक्र में होते हैं तो आप जलते हैं !!
जब आप बेफिक्र होते हैं तो दुनिया जलती हैं !!

ईर्ष्या एक बीमारी की तरह हैं !!
जिसे जल्द से जल्द ठीक करना चाहिये !!

घर पहुँच कर फोन कर देना ये !!
कहने वालों को कभी खोना मत !!

ईर्ष्या अपनी हीनता के बोध से जन्म लेती हैं !!
वह उसे दूर नही करती सिर्फ दबाती हैं !!

अच्छा लगता हैं !!
लेकिन जलके राख मत हो जाना !!

रहते हैं आस पास ही लेकिन साथ नही होते !!
कुछ लोग जलते हैं मुझसे बस खाक नही होते !!

आप थोड़े से कामयाब हो !!
जाओ वे खैरात में मिलेंगे !!

बहूत दिनों से नजर में थी पता नही किसकी !!
नजर लगी आज कल नजर नही आती !!

कुछ तो वो लोग भी बुरे होंगे !!
जिन्हे हम अच्छे नही लगते !!

आगर जेड खोल हैं तो तूफानों से !!
डरने की कोई जरूरत नही !!

पहले जैसा रंग नही हैं जीवन की रंगोली में !!
जाने कितना जहर भरा हैं अब लोंगो की बोली में !!

ये दुनिया दिखावे की बनी हुई हैं यहाँ अपने तो !!
असली में हैं पर उनका अपनापन दिखावे का हैं !!

ना किसी से जलन ना किसी से कोई होड़ !!
मेरी अपनी मंजिले मेरी अपनी दौड़ !!

महफिल खुद की चर्चा हमारे नाम की !!

मेरे दुश्मनों तुम हजार साल जियों जिससे !!
तुम मेरी सफलताओं से हर पल जल सकों !!

Jealous Quotes

उन लोगों के सामने खुश रहिये जो आपको पसंद !!
नही करते यही बात काफी हैं उन्हें जलाने के लिए !!

अपनों के प्यार ने ही तो अब तक सहेज कर रखा हैं !!
मुझे वरना गैरों ने कोशिश तो बहुत की हैं मुझे बिखरने की !!

मुझे बहुत Jealousy होती हैं जब !!
कोई मेरी दोस्त को अपनी दोस्त कहे !!

किसी पर ऐतबार करे तो कैसे करे वो हर बात !!
का जवाब भी किसी और से पूछ कर देते हैं !!

इंसान सिर्फ आग से नही जलता कुछ !!
लोग तो हमारे अंदाज से जल जाते हैं !!

ईर्ष्या मनुष्य की हीन भावना से उत्पन्न होता हैं !!

कुछ लोग दूसरों की बुराई बिना वजह करते हैं क्योंकि उन्हें !!
ईर्ष्या करने या दूसरों को छोटा दिखाने में आनंद आता हैं !!

क्या शर्म करें हम यह कहने में !!
कि जो खुश है उससे हम जलते हैं !!

ईर्ष्या असुरक्षा कमजोरी !!
और नकारात्मक सोच की निशानी हैं !!

उन लोगों के सामने ख़ुश रहिये जो आपको पसंद नहीं !!
करते. यहीं बात काफ़ी है उन्हें जलाने के लिए !!

प्रायः समान विद्या वाले !!
लोग एक-दुसरे से ईर्ष्या करते हैं !!

जमाना भी अजीब है दोस्तों नाकामयाब लोगों का मज़ाक !!
उड़ाता है और कामयाब लोगों से ईर्ष्या करता हैं !!

इतनी चाहत है तुम्हारी कि !!
अब किसी का तेरे पास होना भी सहन नही होता !!

आरे भाई जलना है तो !!
आग में जाके जालों यह क्यों जल रही हूं !!

क्या आप से लोग जल रहे है !!
इसका मतलब कि आप आगे बढ़ रहें है !!

ईर्ष्या और जलन कोट्स

मुझे जलन होती है उस किल से भी !!
जो तुम्हारी ‘तस्वीर अपनी गोढ़ में संभाले !!

इर्ष्या कब्र की भांति निर्दय होती हैं !!
इसमें कोयले अग्नि के कोयले होते हैं !!

एक बुद्धिमान व्यक्ति हमेशा दूसरों के गुणों व अच्छाइयों !!
को देखकर उनसे सीखता है न कि इर्ष्या करता हैं !!

हीनता से जलन का जन्म होता है !!
यह इसे दूर करने की बजाय और दबाती हैं !!

व्यक्ति अपने दुखों से अधिक दुखी नही होता !!
जितना वह दूसरों के सुख से दुखी होता हैं !!

ईर्ष्यालु व्यक्ति का कभी !!
कोई पड़ोसी नही हो सकता हैं !!

उन इंसानों के समक्ष खुश रहिये जो आपसे इर्ष्या करते है !!
उन्हें जलाने के लिए चेहरे की झूठी ख़ुशी ही पर्याप्त हैं !!

अगर आपका मित्र आपकी सफ़लता से ईर्ष्या करता है तो !!
समझ ले कि वह कभी आपका सच्चा मित्र नहीं हो सकता !!

जब आप फ़िक्र में होते है तो आप जलते है !!
जब आप बेफिक्र होते है तो दुनिया जलती हैं !!

जब आपको किसी दुसरे व्यक्ति का सुख बर्दाश्त न हो तो !!
समझ लीजिये कि आप उस व्यक्ति से ईर्ष्या करने लगे हैं !!

पड़ोसी की तरक्की से ईर्ष्या न करें !!
उससे सीख ले और उससे आगे बढ़ने की कोशिश करें !!

खुद की गलतियां जब हम दूसरों में !!
देखते हैं तो हमें बड़ी जलन होती हैं !!

एक बुद्धिमान व्यक्ति किसी से ईर्ष्या !!
करने की बेवकूफी कभी नही करेगा !!

चलो फिर से होले से मुस्कुराते हैं !!
बिना माचिस के ही लोगों को जलाते हैं !!

तुम जलते रहोगे आग की तरह और !!
हम खिलते रहेंगे गुलाब की तरह !!

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जब से हम कामयाब हो गए !!
तब से हम उनके नजरो मे खराब हो गए !!

हमारी अफवाह के धुँए वही से उठते हैं !!
जहाँ हमारे नाम से आग लग जाती है !!

जो पल-पल राग द्वेष की आग में जलता है !!
वह सच्ची खुशी और आनन्द नही पा सकता है !!

आदमी अपना दुःख तो किसी तरह बर्दास्त कर लेता हैं !!
लेकिन उससे दुसरों का सुख बर्दाश्त नही होता !!

जलने वाले सोचते हैं ये साला !!
जब देखो तब मुस्कुराता है !!

Jeolousy भी उस छुपी चेगारी की तरह होती है !!
जो भटके मोहब्बत को लाइन पर(भड़का) ले आती हैं !!

Jeclousy भी उसे नमक की तरह होती है !!
जो खाने में स्वाद ले आती है !!

जब इंसान की किस्मृत बदलती है !!
तो गैरों से ज्यादा अपने जलते है !!

मेरे दर्द से शुकून है उन्हें !!
की मेरी हंसी उनसे देखी नहीं जाती !!

हमदर्दी नहीं चाहिए !!
थोड़ा सा अपनापन !!

पहले घर घर में चूल्हा जलता था !!
खैर अब इंसानियत जल रही है !!

उनके जलने से उठता रह रह कर धुँआ !!
साँस लूँ तो फ़ना ना साँस लूँ तो फ़ना !!

इंसान स्वयं के दुःख से दुःखी नहीं है !!
बल्कि दूसरे के सुख से दुःखी है !!

इर्षा उस विष के सामान है !!
जो आपको और आपके आदर्शों को नाश कर देता है !!

अपने प्रेमी के मित्र से इर्षा करना प्रेम नहीं है !!

इर्ष्या कब्र की भांति निर्दय होती हैं !!
इसमें कोयले अग्नि के कोयले होते हैं !!

आग तो है ये इश्क़ मगर एहसास होता नहीं !!
जलन का बस दर्द होता है मीठा-मीठा !!

अगर आप अपने प्रतिस्पर्धियों से भी नहीं जलते हैं !!
तो आप किसी भी लक्ष्य को पा सकते हैं !!

हमारी ईर्ष्या हमेशा उन लोगों की खुशी से !!
अधिक समय तक चलती है जिन्हें हम ईर्ष्या देते हैं !!

अपने घर के अंधकार में !!
दूसरे का प्रकाश असहाय हो उठता है !!

खुद की गलतियाॅ जब हम दुसरों में देखते है !!
तो हमें बड़ी जलन होती है !!

लोग मुझसे जलते है !!
जब मैं और मेरी Bestie साथ चलते हैं !!

क्या शर्म करें हम यह कहने में !!
कि जो खुश है उससे हम जलते हैं !!

रहते है आस-पास ही लेकिन साथ नहीं होते !!
कुछ लोग जलते है हमसे बस सामने नहीं होते !!

यह जो मेरे अलावा तुमपे मरेंगे !!
मरेंगे सारे के सारे मरेंगे !!

फिलहाल तो तुम जलते रहो !!
मै जलाता रहूंगा !!

क्या आप से लोग जल रहे है !!
इसका मतलब कि आप आगे बढ़ रहें है !!

अपनी नज़रों का ख्याल !!
रखना मै नजर आता रहूंगा !!

इतनी चाहत है तुम्हारी कि !!
अब किसी का तेरे पास होना भी सहन नही होता !!

इर्षा उस विष के सामान है !!
जो आपको और आपके आदर्शों को नाश कर देता है !!

वो तो खामखा इतने जले जा रहें हैं !!
पर उनको क्या पता हाले दिल !!
हम भी कितना मरे जा रहे हैं !!

इर्ष्या और द्वेष उस अग्नि की तरह होते है !!
जिसे जंगल स्वयं उत्पन्न करता है !!
और फिर उसमें जलकर भी ख़ाक हो जाता हैं !!
ऐसे आत्म विनाश का दोष !!
दूसरों पर मढ़ना उचित नही होता हैं !!

एक सक्षम और आत्मविश्वासी व्यक्ति किसी भी चीज़ से !!
ईर्ष्या करने में असमर्थ होता है ईर्ष्या निरपवाद रूप से !!
एक विक्षिप्त असुरक्षा की भावना का लक्षण है !!

एक योद्धा दूसरे योद्धा से इर्षा तब करता है !!
जब वह युद्ध लड़ने से पहले ही सामने आए !!
योद्धा को खुद से ताक़तवर मान लेता है !!

दूसरों से जलने वाले !!
तो जल-जल कर मिट जाते हैं !!
आगे वे बढ़ते हैं !!
जो दूसरों की खुशियों पर खुश हो जाते हैं !!

तुम किसी और से बात करो !!
वो मुझे मंजूर नहीं !!
तुम्हें किसी और के साथ देखें !!
वो मुझे पसंद नहीं !!

तुम ना दीया हो !!
Naa ही बाती !!
ना ही जुगनू हो !!
ना ही शीप का मोती !!
देख तुम्हारी चमक-धमक !!
सीने में क्यों हमारे !!
छुरी चल है जाती !!

यूँ बेवजह ही जलते हैं लोग !!
इस जमाने में !!
के कोई कसर नहीं छोड़ते हैं !!
एक दूसरे को नीचा दिखाने मे !!

जलने वालों के लिए !!
कि जलना है जलते रहो !!
अच्छा लगता है !!
लेकिन जलके राख मत हो जाना !!

माचिस की तिलमों की अब !!
जररत ही कहां !!
आग लगाने को इंसान और !!
उसकी जुबान ही काफी हैं !!

तुम जलते रहो मैं जलाता रहूँगा !!
अपनी नजर का ख्याल रखना !!
मैं नजर आता रहूँगा !!

हमारी तो आदत है !!
यूही मुस्कुराने की !!
कोई जलकर मरता है !!
तो उसे खुदा बचाए !!

लोग ख़ुशी में साथ चलते हैं !!
वह मेरे ग़म में साथ चलने लगे !!
मेरी ख़ुशियों से जलने वाले !!
अब मेरे ग़म से भी जलने लगे !!

दुनिया जलती है मुझे आगे बढ़ता देख !!
तुम्हे क्या बताऊं तुम्हें ऐसे देखना अब मुझे !!
आच्छा लगने लगा है !!

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हमारी अफ़वाह !!
के धुंए वहीं से उठते हैं !!
जहां हमारे नाम से आग लग जाती है !!

जले जमाना हमसे !!
हम जमाने से जलते नही !!
अगर राख बन कही बिखर जो जावो !!
तो मत कहना पहले हमने बताया नही !!

आज के समय में इंसान !!
अपने दुख से दुखी नहीं दूसरों !!
के सुख से ज्यादा दुखी है !!

आखिर में जीत उसकी ही होती हैं !!
जिसको दूसरो की जीत देखके !!
Jealousy नही खुशी होती हैं !!

तुम्हें कोई और देखे ती जलता है दिल !!
बड़ी मुश्किलीं से फिर संभलता है दिल !!
से प्यार कितना ये हम नहीं जानते !!
हमें तुम मगर जी नहीं सकते तुम्हारे बिना !!

सब लोग हमे खुद नसीब समझते हैं !!
कोई उन्हें बताए कि जिससे हम गुजरते हैं !!
अगर वो गुज़रे है तो गुजर जाए !!

मुझसे जलने लगे हैं लोग !!
मेरी कामयाबी देखकर !!
मरने लगे हैं लोग !!

जिन्दा रहो तो जलते हैं !!
और मर जाओ तो जलात हैं !!
ऐसी है ये दुनिया !!

बर्बादी का सिलसिला कुछ यूँ चल रहा है !!
आग के करीब वो बैठी है और !!
यहाँ तन हमारा जल रहा है !!

जिसके पास कुछ नहीं है !!
उसपर दुनियाँ हसती है !!
जिसके पास सबकुछ है !!
उनसे duniya जलती है !!

आज के समय में इंसान !!
अपने दुख से दुखी नहीं दूसरों !!
के सुख से ज्यादा दुखी है !!

जलने वालों के लिए !!
कि जलना है जलते रहो !!
अच्छा लगता है !!
लेकिन जलके राख मत हो जाना !!

मैंने चाँद से तेरी तारीफ़ की !!
चाँद इतना जला !!
सुबह तक सूरज हो गया !!

जलन कि भावना भी अजीब है !!
प्यार के लिए हो !!
तो प्यारी लगती है पर !!
किसी और से हो तो !!
विनाशकारी लगती है !!

जाओ बेशक !!
पर दो बात कर लो !!
हमद़दी नहीं चाहिए !!
बस मेरी खामोशी समझ लो !!

कितना दूसरो की खुशी से जलते रहोगे !!
जीते जी तो हंस लो यारो !!
मरते वक्त तो आखिर जलना ही है ना !!

नजर आये ना तु जिनको !!
वो परेशानी से मरते है !!
जो तुजको देख लेते है !!
वो हेरानी से मरते है !!

सिर्फ नाम भी ल मे किसी !!
आर का तो जलन होती हैं उसे !!
किसी ऑर के साथ देखेगी तो !!
शायद जला ही दे वो मुझे !!

रहते हैं आसपास ही लेकिन !!
साथ नहीं होते !!
कुछ लोग जलते तो बहुत हैं मुझसे !!
बस खाक नहीं होते !!

दूसरे को आगे बढ़ते हुए देख लोगे !!
तो मर जाओगे कहीं !!
इतनी ईष्ष्या रख दूसरों से !!
अपनी चिता जालाओगे यही !!

जिसके पास कुछ नहीं है !!
उसपर दुनियाँ हसती है !!
जिसके पास सबकुछ है !!
उनसे Duniya जलती है !!

तुम हसीन हो !!
पर चाँद नहीं !!
कोई तुम्हे रात भर देखे !!
मुझे पसंद नहीं !!
तुम महक हो जिंदगी कि !!
पैर फूल नही !!

कोई तुम्हे सिर्फ सजाकर रखे !!
मुझे पॅसंद नही !!
शब्दों में भी तापमान देखा हैं !!
किसी को सुकून में !!
तो किसी को जलते देखा है !!

सूना था आज देख भी लिया !!
सफल होने से सबसे ज्यादा !!
तकलीफ अपने करीबी लोगों को ही होता हैं !!

जलते रहो तुम !!
हम पर आंच तक ना आएगी !!
तुम खाक हो जाओगे !!
हम पर राख तक ना आयेगी !!

नफ़रत थी !!
इसीलिए जलन नहीं हुई !!
मोहोब्बत होती तो !!
कब का हम जल के राख हो जाते !!

कवि सुमित मानधना गौरव !!
जब लिखता है तब रुलाता है !!
जब बोलता है तब हंसाता हैं !!

कुछ लोगों को जलने के लिए !!
माचिस की आवश्यकता नहीं होती !!
वह तो बस जल जाते हैं किसी की एक हंसी से !!

बोल नहीं पाता !!
मगर महसूस मुझे भी होता है !!
Teरा किसी और से बात करना !!
मुझे बहुत ज़ोर से चुभता है !!

यह ज़माना भी अजीब है !!
नाकाम को देखकर हंसता और !!
कामयाब को देखकर जलता है !!

आँसुओं को भी पानी समझ लिया करते हैं !!
मैयत पे भी मुस्कुरा दिया करते हैं कुछ लोग !!
मैं जानता हूँ उनकी इस हरकत को मौत की !!
सच्चाई को भी भुला दिया करते हैं कुछ लोग !!

क्यों पुछते हैं आसमां के चंदा और तारे !!
झुकता हूँ क्यों आ कर मैं आगे तुम्हारे !!
मेरे सजदे से आखिर है इनका क्या लेना !!
क्यों चुभते हैं इनको ये खुशियाँ हमारी !!

तुम गैरों के साथ रहकर हमें जलाते रहना !!
हम जलते रहेंगे !!
वो एक तरफा इश्क़ में परे है !!
ना साहब तो मरते रहेंगे !!

जमाना भी अजीब हैं दोस्तों !!
नाकामयाब लोगों का !!
मजाक उड़ाता हैं और !!
कामयाब लोगों से ईर्ष्या करता हैं !!

जो लोग आपसे जलते हैं उनसे घृणा कभी !!
ना करे क्योंकि यही वो लोग हैं जो यह जानते !!
हैं कि आप उनसे बेहतर हैं !!

जो लोग आपसे जलते है !!
उनसे घृणा कभी न करें क्योंकि यही वो लोग है !!
जो यह जानते है कि आप उनसे बेहतर हैं !!

अगर आप अपने मित्र को आपकी सफलता !!
से ईर्ष्या करता हुआ पाते हैं तो समझ ले कि वह !!
कभी आपका सच्चा मित्र नही रहा !!

कौन क्या कर रहा हैं !!
कैसे कर रहा हैं !!
क्यों कर रहा हैं !!
इन सब से आप जितना दूर रहेंगे !!
आप उतना ही खुश रहेंगे !!

घमंडी इंसान के लिए कोई ईश्वर नही हैं !!
ईर्ष्यालु कोई कोई भी पड़ोसी नहीं और क्रोध !!
के मद में डूबे व्यक्ति का कोई मित्र नहीं होता हैं !!

एक समझदार व्यक्ति वहीं है !!
जो दूसरों को देखकर उनकी !!
विशेषताओं से सीखता है !!
उनसे तुलना और ईर्ष्या नहीं करता !!

बुद्धिहीन लोग बुद्धिमानों से !!
गलत मार्ग पर चलने वाली !!
स्त्री पवित्र स्त्री से ईर्ष्या करती हैं !!

लोग ख़ुशी में साथ चलते हैं !!
वह मेरे ग़म में साथ चलने लगे !!
मेरी ख़ुशियों से जलने वाले !!
अब मेरे ग़म से भी जलने लगे !!

दुनिया जलती है मुझे आगे बढ़ता देख !!
तुम्हे क्या बताऊं तुम्हें ऐसे देखना !!
अब मुझे आच्छा लगने लगा है !!

हमारी अफ़वाह !!
के धुंए वहीं से उठते हैं !!
जहां हमारे नाम से आग लग जाती है !!

सब लोग हमे खुद नसीब समझते हैं !!
कोई उन्हें बताए कि जिससे हम गुजरते हैं !!
अगर वो गुज़रे है तो गुजर जाए !!

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मुझसे जलने लगे हैं लोग !!
मेरी कामयाबी देखकर !!
मरने लगे हैं लोग !!

जिन्दा रहो तो जलते हैं !!
और मर जाओ तो जलाते हैं !!
ऐसी है ये दुनिया !!

बर्बादी का सिलसिला कुछ यूँ चल रहा है !!
आग के करीब वो बैठी है !!
और यहाँ तन हमारा जल रहा है !!

आज के समय में इंसान !!
अपने दुख से दुखी नहीं दूसरों !!
के सुख से ज्यादा दुखी है !!

जलने वालों के लिए !!
कि जलना है जलते रहो !!
अच्छा लगता है !!
लेकिन जलके राख मत हो जाना !!

माचिस की तिलमों की अब !!
जररत ही कहां !!
आग लगाने को इंसान और !!
उसकी जुबान ही काफी हैं !!

तुम जलते रहो मैं जलाता रहूँगा !!
अपनी नजर का ख्याल रखना !!
मैं नजर आता रहूँगा !!

हमारी तो आदत है !!
यूही मुस्कुराने की !!
कोई जलकर मरता है !!
तो उसे खुदा बचाए !!

जलते रहो तुम !!
हम पर आंच तक ना आएगी !!
तुम खाक हो जाओगे !!
हम पर राख तक ना आयेगी !!

तुम किसी और से बात करो
वो मुझे मंजूर नहीं !!
तुम्हें किसी और के साथ देखें !!
वो मुझे पसंद नहीं !!

यूँ बेवजह ही जलते हैं लोग !!
इस जमाने में !!
के कोई कसर नहीं छोड़ते हैं !!
एक दूसरे को नीचा दिखाने मे !!

लोग मुझसे जलते है !!
जब मैं और मेरी Bestie साथ चलते हैं !!
तुम जी मैरे हुए !!
ती दुनिया हमसे जलने लगी !!

तुम ना दीया हो !!
ना ही बाती !!
ना ही जुगनू हो !!
ना ही शीप का मोती !!
देख तुम्हारी चमक-धमक !!
सीने में क्यों हमारे !!
छुरी चल है जाती !!

जलन महामारी है !!
जिसे जल्द से जल्द नही रोका जाता है !!
तो संक्रमन का खतरा उत्पन्न हो जाता हैं !!

यदि आपका मित्र आपकी कामयाबी से जलता है !!
तो वह आपका कभी मित्र नही हो सकता हैं !!
उसे अपना प्रतिद्वंद्वी ही समझे !!

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