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Latest (2023) Hindi Poetry In Hindi | बेस्ट हिंदी कविताएं

Hindi poetry in hindi-कविता, एक ऐसी शैली है जो हमें भावनाओं, विचारों और अनुभवों को शब्दों के माध्यम से व्यक्त करने का आदान-प्रदान करती है। यह एक साहित्यिक रूप है जो मनोवैज्ञानिक और भाषातात्त्विक माध्यमों से जुड़ी है !!

  1. मात्रा छंदः (मीटर) मात्रा छंद एक प्रमुख कविता की शैली है जिसमें पंक्तियों की मात्राएँ बराबरी में होती हैं। यह छंद प्रयुक्ति और ध्वनि के संरचनात्मक पहलु को प्रकट करता है !!
  2. गीतिका गीतिका कविता की एक विशेष प्रकार है जो गायन के लिए लिखी जाती है। इसमें आवाज, ध्वनि और छंद का समन्वय होता है।

कविता के भाग

1. मुख्य भाग

कविता का मुख्य भाग उसके संरचनात्मक तंतु, विचारों और भावनाओं को प्रकट करता है। यहाँ लेखक अपनी विचारधारा को प्रकट करता है और पाठक को उसकी दुनिया में ले जाता है !!

2. उपसंहार

उपसंहार भाग में आखिरी विचार दिए जाते हैं जो पूरे आलेख को संक्षेपित रूप में प्रस्तुत करते हैं।

कविता का महत्व

कविता मानवीय भावनाओं को व्यक्त करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। यह समाज में जागरूकता पैदा करने, समस्याओं पर विचार करने और रोचकता बढ़ाने का काम करती है।

कविता और भाषा

कविता भाषा की सुंदरता और व्यक्तिगतता को प्रकट करने का माध्यम होती है। शब्दों की चयन-संचयन से रचना का भाव और आभास स्पष्ट होते हैं।

बुरा लग रहा है !!
जब से तेरी सोहबत में रह रहा है !!
बुरा लग रहा है !!
अब तुझसे थककर ये कहा हमने !!
बुरा लग रहा है !!
जिनके इसारो से मौसम के रुख बदलते थे !!
उन्ही आँखों से दरिया बह रहा है !!

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आज कल किसी के फन में फन नहीं दीखता !!
सबको जुबा दिखती है पर मन नहीं दीखता !!
मैं उन् लड़कियों से जलती मुतासिर हो जाता हु !!
जिनका तस्वीरों में बदन नहीं दीखता !!
जो ये अंधे लोग काटने वाटने की बात करे !!
उन्हें बस फायदा दीखता है बदन नहीं दीखता !!
सब कहमें दो दिन में हुआ कामियां !!
इन्हे दो दिन लाने के पीछे जतन नहीं दीखता !!

खुवाईसे कंधो पर लिए हजार एक लड़का !!
कर रहा गमे समुन्दर पार एक लड़का !!
डूबती एक नाव उसकी बीच भवर में फसकर !!
कर रहा तिनके का इंतज़ार एक लड़का !!
अँधेरी रात और कमरे में बैठा एक लड़का !!
आस्क भरे नैनो में ज़िन्द्की से ऐंठा एक लड़का !!
अपनी साड़ी तमन्नाओ को एक एक करके जलाते हुए !!
बहुत देर तक रोया मुस्कुराते एक लड़का !!

आज मेरा दिल ज़ख़्मी है !!
और साँसे में मगरूरी है !!
कुछ बातें है जो बेकार है !!
लेकिन तुझे बतानी ज़रूरी है !!
काश तूने नहीं पूछा हाल मेरा !!
लेकिन तबियत मेरी अच्छी है !!
मुस्कान ज़रा सी छोटी है !!
लेकिन बाते बिलकुल सच्ची है !!
आज तुमने नहीं पूछा म !!
मैं फिर भी खाना खाया है !!
आज सुबह तेरी कॉल नहीं था !!
फिर भी मेरी माँ ने मुझे जगाया है !!

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एक वक्त था जब तुम्हे कोई छू लेता !!
तो मेरा खून खौल उठता था !!
और इसलिए कई दफा मैंने इन हवाओ !!
से वैर पाला करता था !!
अरे अगर अपने हुस्न के सिवा कुछ !!
नहीं है तुम्हारे पास अगर !!
तो जा तू किसी के साथ हमविस्तर भी हो जा !!
तो मुझे कोई फर्क नहीं पडता !!
एक वक़्त था जब मैं तुमसे प्यार करता था !!
इतना गुरुर किया तूने इस मिटटी के जिस्मो पर !!
जा ये तेरा जिस्म किसी और का हो जाय !!
मुझे फर्क नहीं पड़ता !!

जब उससे बात नहीं होती न !!
तो सच में ऐसा लगता है जैस !!
सबकुछ अधूरा सा है !!
मैं जानता हु !!
अब हम साथ नहीं हो सकते !!
लेकिन पता नहीं क्यों फिर भी तुम्हारी !!
बहुत ज़रूरत है मुझे !!
और इस बात को मैं तो क्या !!
कोई भी नहीं बदल सकता है !!
तुम्हे पता है तुम क्या हो मेरे लिए !!
जैसे किसी मुसाफिर का कोई रास्ता हो !!
किसी अधूरी मोहब्बत का मुझसे कोई वास्ता हो !!
जैसे अधूरा कोई सफर था !!
मैं मुसाफिर था तुम मंजिल थी !!
और रास्ता तुम तक पहुंचने का एकदम अलग था !!
जब तुमसे बात नहीं होती न !!
तो ये फ़ोन उठाने का भी मन नहीं करता !!
आँखे थकती नहीं रोने से !!
और तुम्हे याद किये बिना कोई पल नहीं कट्टा !!
जब तुमसे बात नहीं होती न !!
तब सबकुछ अधूरा सा लगता है !!

सुनो नजरा अंदाज़ कर रहे हों न !!
कर लो अंदाज़ा उस दिन का भी कर लेना !!
जिस दिन हम नजर नहीं आएंगे !!
समझा ही नहीं वो कभी मेरे नजरो को !!
मैंने हर वो लव्स कह दिया !!
जिसका नाम मोहब्बत था !!
कोई था जो मेरी उदासी की भी !!
वजह पूछा करता था !!
पर जाने क्यों आज उसे !!
मेरे रोने से भी कोई फर्क नहीं पड़ता!!

जीना सिखाए जा रहा है – हिंदी कविता !!

दिन-बदिन !!
तेरी आदत मुझको लगाए जा रहा है !!
तुझे पाया नहीं अबतक !!
तुझे खोने का डर सताए जा रहा है !!
मेरे हाथों से छीनकर !!
अपने हिसाब से जिंदगी चलाए जा रहा है !!
तेरे आने से !!
दिल मेरा !! अब उसको भुलाए जा रहा है !!
कुछ हुआ है अलग !!
तेरे आने से !! बताए जा रहा है !!
एक बार फिर से !!
मुझको जीना !! सिखाए जा रहा है !!
तेरा साथ न मिला !!
हिंदी कविता !!

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हाथ थाम कर भी तेरा सहारा न मिला !!
में वो लहर हूँ जिसे किनारा न मिला !!
मिल गया मुझे जो कुछ भी चाहा मैंने !!
मिला नहीं तो सिर्फ साथ तुम्हारा न मिला !!
वैसे तो सितारों से भरा हुआ है आसमान मिला !!
मगर जो हम ढूंढ़ रहे थे वो सितारा न मिला !!
कुछ इस तरह से बदली पहर ज़िन्दगी की हमारी !!
फिर जिसको भी पुकारा वो दुबारा न मिला !!
एहसास तो हुआ उसे मगर देर बहुत हो गयी !!
उसने जब ढूँढा तो निशान भी हमारा न मिला !!

थोड़ा थक सा जाता हूं अब मै… – हिंदी कविता
“थोड़ा थक सा जाता हूं अब मै !!
इसलिए !! दूर निकलना छोड़ दिया है !!
पर ऐसा भी नही हैं कि अब !!
मैंने चलना ही छोड़ दिया है !!
फासलें अक्सर रिश्तों में !!
अजीब सी दूरियां बढ़ा देते हैं !!
पर ऐसा भी नही हैं कि अब मैंने !!
अपनों से मिलना ही छोड़ दिया है !!
हाँ जरा सा अकेला महसूस करता हूँ !!
खुद को अपनों की ही भीड़ में !!
पर ऐसा भी नहीं है कि अब मैंने !!
अपनापन ही छोड़ दिया है !!
याद तो करता हूँ मैं सभी को !!
और परवाह भी करता हूँ सब की !!
पर कितनी करता हूँ !!
बस ,बताना छोड़ दिया है !!

चलने का हौसला नहीं !!
रुकना महाल कर दिया !!
इश्क के इस सफर ने !!
तो मुझको निढाल कर दिया !!
ए मेरी गुलजामि तुझे !!
चाह थी एक किताब की !!
पहले किताब में मगर !!
क्या तेरा हाल कर दया !!
मिलते हुए दिलो के बिच !!
और था फैसला कोई !!
उसने मगर बिछड़ते वक्त !!
और सवाल कर दिया !!

अबकी हवा के साथ है !!
दामने यार मुंतजर !!
बानू ये सबके हाथ में !!
रखना संभाल कर दिया !!
मुमकीनो फैसलो में एक !!
हिज्र का फैसला भी था !!
हमने तो एक बात की !!
उसने कमाल कर दिया !!
मेरे लबो पे मोह्र थी !!
पर मेरे सिसरु ने तो !!
सहर के सहर को मेरा !!
वाक़िफ़े हाल कर दिया !!

Hindi Poetry In Hindi

बुरा लग रहा है !!
जब से तेरी सोहबत में रह रहा है !!
बुरा लग रहा है !!
अब तुझसे थककर ये कहा हमने !!
बुरा लग रहा है !!
जिनके इसारो से मौसम के रुख बदलते थे !!
उन्ही आँखों से दरिया बह रहा है !!

आज कल किसी के फन में फन नहीं दीखता !!
सबको जुबा दिखती है पर मन नहीं दीखता !!
मैं उन् लड़कियों से जलती मुतासिर हो जाता हु !!
जिनका तस्वीरों में बदन नहीं दीखता !!
जो ये अंधे लोग काटने वाटने की बात करे !!
उन्हें बस फायदा दीखता है बदन नहीं दीखता !!
सब कहमें दो दिन में हुआ कामियां !!
इन्हे दो दिन लाने के पीछे जतन नहीं दीखता !!

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कर रहा गमे समुन्दर पार एक लड़का !!
डूबती एक नाव उसकी बीच भवर में फसकर !!
कर रहा तिनके का इंतज़ार एक लड़का !!
अँधेरी रात और कमरे में बैठा एक लड़का !!
आस्क भरे नैनो में ज़िन्द्की से ऐंठा एक लड़का !!
अपनी साड़ी तमन्नाओ को एक एक करके जलाते हुए !!
बहुत देर तक रोया मुस्कुराते एक लड़का !!


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आज मेरा दिल ज़ख़्मी है !!
और साँसे में मगरूरी है !!
कुछ बातें है जो बेकार है !!
लेकिन तुझे बतानी ज़रूरी है !!
काश तूने नहीं पूछा हाल मेरा !!
लेकिन तबियत मेरी अच्छी है !!
मुस्कान ज़रा सी छोटी है !!
लेकिन बाते बिलकुल सच्ची है !!
आज तुमने नहीं पूछा म !!
मैं फिर भी खाना खाया है !!
आज सुबह तेरी कॉल नहीं था !!
फिर भी मेरी माँ ने मुझे जगाया है !!

एक वक्त था जब तुम्हे कोई छू लेता !!
तो मेरा खून खौल उठता था !!
और इसलिए कई दफा मैंने इन हवाओ !!
से वैर पाला करता था !!
अरे अगर अपने हुस्न के सिवा कुछ !!
नहीं है तुम्हारे पास अगर !!
तो जा तू किसी के साथ हमविस्तर भी हो जा !!
तो मुझे कोई फर्क नहीं पडता !!
एक वक़्त था जब मैं तुमसे प्यार करता था !!
इतना गुरुर किया तूने इस मिटटी के जिस्मो पर !!
जा ये तेरा जिस्म किसी और का हो जाय !!
मुझे फर्क नहीं पड़ता !!

जब उससे बात नहीं होती न !!
तो सच में ऐसा लगता है जैस !!
सबकुछ अधूरा सा है !!
मैं जानता हु !!
अब हम साथ नहीं हो सकते !!
लेकिन पता नहीं क्यों फिर भी तुम्हारी !!
बहुत ज़रूरत है मुझे !!
और इस बात को मैं तो क्या !!
कोई भी नहीं बदल सकता है !!
तुम्हे पता है तुम क्या हो मेरे लिए !!
जैसे किसी मुसाफिर का कोई रास्ता हो !!
किसी अधूरी मोहब्बत का मुझसे कोई वास्ता हो !!
जैसे अधूरा कोई सफर था !!
मैं मुसाफिर था तुम मंजिल थी !!
और रास्ता तुम तक पहुंचने का एकदम अलग था !!
जब तुमसे बात नहीं होती न !!
तो ये फ़ोन उठाने का भी मन नहीं करता !!
आँखे थकती नहीं रोने से !!
और तुम्हे याद किये बिना कोई पल नहीं कट्टा !!
जब तुमसे बात नहीं होती न !!
तब सबकुछ अधूरा सा लगता है !!

सुनो नजरा अंदाज़ कर रहे हों न !!
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जिस दिन हम नजर नहीं आएंगे !!
समझा ही नहीं वो कभी मेरे नजरो को !!
मैंने हर वो लव्स कह दिया !!
जिसका नाम मोहब्बत था !!
कोई था जो मेरी उदासी की भी !!
वजह पूछा करता था !!
पर जाने क्यों आज उसे !!
मेरे रोने से भी कोई फर्क नहीं पड़ता!!

जीना सिखाए जा रहा है – हिंदी कविता !!

दिन-बदिन !!
तेरी आदत मुझको लगाए जा रहा है !!
तुझे पाया नहीं अबतक !!
तुझे खोने का डर सताए जा रहा है !!
मेरे हाथों से छीनकर !!
अपने हिसाब से जिंदगी चलाए जा रहा है !!
तेरे आने से !!
दिल मेरा !! अब उसको भुलाए जा रहा है !!
कुछ हुआ है अलग !!
तेरे आने से !! बताए जा रहा है !!
एक बार फिर से !!
मुझको जीना !! सिखाए जा रहा है !!
तेरा साथ न मिला !!
हिंदी कविता !!

हाथ थाम कर भी तेरा सहारा न मिला !!
में वो लहर हूँ जिसे किनारा न मिला !!
मिल गया मुझे जो कुछ भी चाहा मैंने !!
मिला नहीं तो सिर्फ साथ तुम्हारा न मिला !!
वैसे तो सितारों से भरा हुआ है आसमान मिला !!
मगर जो हम ढूंढ़ रहे थे वो सितारा न मिला !!
कुछ इस तरह से बदली पहर ज़िन्दगी की हमारी !!
फिर जिसको भी पुकारा वो दुबारा न मिला !!
एहसास तो हुआ उसे मगर देर बहुत हो गयी !!
उसने जब ढूँढा तो निशान भी हमारा न मिला !!

थोड़ा थक सा जाता हूं अब मै… – हिंदी कविता
“थोड़ा थक सा जाता हूं अब मै !!
इसलिए !! दूर निकलना छोड़ दिया है !!
पर ऐसा भी नही हैं कि अब !!
मैंने चलना ही छोड़ दिया है !!
फासलें अक्सर रिश्तों में !!
अजीब सी दूरियां बढ़ा देते हैं !!
पर ऐसा भी नही हैं कि अब मैंने !!
अपनों से मिलना ही छोड़ दिया है !!
हाँ जरा सा अकेला महसूस करता हूँ !!
खुद को अपनों की ही भीड़ में !!
पर ऐसा भी नहीं है कि अब मैंने !!
अपनापन ही छोड़ दिया है !!
याद तो करता हूँ मैं सभी को !!
और परवाह भी करता हूँ सब की !!
पर कितनी करता हूँ !!
बस ,बताना छोड़ दिया है !!

चलने का हौसला नहीं !!
रुकना महाल कर दिया !!
इश्क के इस सफर ने !!
तो मुझको निढाल कर दिया !!
ए मेरी गुलजामि तुझे !!
चाह थी एक किताब की !!
पहले किताब में मगर !!
क्या तेरा हाल कर दया !!
मिलते हुए दिलो के बिच !!
और था फैसला कोई !!
उसने मगर बिछड़ते वक्त !!
और सवाल कर दिया !!

अबकी हवा के साथ है !!
दामने यार मुंतजर !!
बानू ये सबके हाथ में !!
रखना संभाल कर दिया !!
मुमकीनो फैसलो में एक !!
हिज्र का फैसला भी था !!
हमने तो एक बात की !!
उसने कमाल कर दिया !!
मेरे लबो पे मोह्र थी !!
पर मेरे सिसरु ने तो !!
सहर के सहर को मेरा !!
वाक़िफ़े हाल कर दिया !!

Best hindi poetry

लड़की हो तुम !!
लड़की हो तुम थोड़ा लिहाज़ करो !!
लोग क्या कहेंगे आँशु पोछो चेहरा साफ़ करो !!
अगले घर जाना है तुम्हे थोड़ा तो बर्दास्त करो !!
पर लड़की को हर वक़्त सामान की तरह से !!
आंकने वालो तुम भी तो थोड़ी लिहाज़ करो !!
क्या वो औरत है तो उसे ज़ीने का अधिकार नहीं !!
क्यों उसका वेवाक घूमना जमाने तुझे स्वीकार नहीं !!

बागवान के गुलाब से दोस्ती थी !!
मतलब किसी नयाब से दोस्ती थी !!
सबके हिसाब से हममे प्यार था !!
बस उसके हिसाब से दोस्ती थी !!
मैं दुनियादारी की बाते करता !!
उसकी बस किताब से दोस्ती थी !!

आज कल किसी के फन में फन नहीं दीखता !!
सबको जुबा दिखती है पर मन नहीं दीखता !!
मैं उन् लड़कियों से जलती मुतासिर हो जाता हु !!
जिनका तस्वीरों में बदन नहीं दीखता !!
जो ये अंधे लोग काटने वाटने की बात करे !!
उन्हें बस फायदा दीखता है बदन नहीं दीखता !!
सब कहमें दो दिन में हुआ कामियां !!
इन्हे दो दिन लाने के पीछे जतन नहीं दीखता !!

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खुवाईसे कंधो पर लिए हजार एक लड़का !!
कर रहा गमे समुन्दर पार एक लड़का !!
डूबती एक नाव उसकी बीच भवर में फसकर !!
कर रहा तिनके का इंतज़ार एक लड़का !!
अँधेरी रात और कमरे में बैठा एक लड़का !!
आस्क भरे नैनो में ज़िन्द्की से ऐंठा एक लड़का !!
अपनी साड़ी तमन्नाओ को एक एक करके जलाते हुए !!
बहुत देर तक रोया मुस्कुराते एक लड़का !!

सुनो नजरा अंदाज़ कर रहे हों न !!
कर लो अंदाज़ा उस दिन का भी कर लेना !!
जिस दिन हम नजर नहीं आएंगे !!
समझा ही नहीं वो कभी मेरे नजरो को !!
मैंने हर वो लव्स कह दिया !!
जिसका नाम मोहब्बत था !!
कोई था जो मेरी उदासी की भी !!
वजह पूछा करता था !!
पर जाने क्यों आज उसे !!
मेरे रोने से भी कोई फर्क नहीं पड़ता!!

चेहरों नाम एक साथ !!
आज न याद आ सके !!
वक्त ने किस सबीब को !!
खाबो ख्याल कर दिया !!
मुददतो वाद उसने आज !!
मुझसे कोई गिला किया !!
मन्सबे बिल बड़ी पे क्या !!
मुझको बहाल कर दिया !!

इस क़दर प्यार की वारिश हो की जल थल हो जाऊं !!
तुम घटा बनके चले आओ मैं बादल हो जाऊं !!
घर में बैठा हु चमकते हुए सोने की तरह !!
मैं जो सराबे में आ जाऊ तो पीतल हो जाउं !!
ढूंढते ढूंढते एक उम्र गुजारी जिसको !!
वो अगर सामने आ जाए तो पागल हो जाऊं !!
मुन्तज़िर चाक पे है मेरी अधूरी मिटटी !!
तुम ज़दा हाथ लगाओ तो मुकम्बल हो जाउं !!
मेरे सनातों ने आवद रखा है मुझको !!
मैं तेरे सहर में आ जाऊं तो जंगल हो जाउ !!

बेकली से बेखुदी से कुछ नहीं होता !!
पुकारे क्यों किसी को हम किसी से कुछ नहीं होता !!
कोई जब शहर से जाए रौनक रूठ जाती है !!
किसी के शहर में मौजूदगी से कुछ नहीं होता !!
चमक यु पैदा नहीं हुयी है मेरी जान तुझमे !!
न कहना कभी तू बेरुखी से कुछ नहीं होता !!
जो बात खास है खुद को भी बताऊँ नहीं !!
मैं लुफ्त लेता रहु और मुस्कुराऊँ नहीं !!
उसे सताने का बस यही तरीका है !!
उसके दिल में राहु और समझ में आऊं नहीं !!

तुम तन्हाईयाँ बक्सों गे मुझे वो भी मंजूर है !!
बस कह देना दिल से दूर है !!
चलो धोखा ही था तुम्हारा सब इसक झूठ था !!
वो झूठ अपनी जुबां को कहने देते !!
मैं खुश थी मुझे धोखे में ही रहने देते !!
मेरी जुल्फे नाराज है की तू कहा है !!
मेरी खुशियां नाराज है की तू कहां है !!
अरसा हुआ चाँद खिला नहीं है मेरे आसमान में !!
तारो की आवाज़ है की तू कहाँ है !!

क्यों करते हो यार इतने सवाल मुझसे !!
जब इनके सारे जबाब ही तुम हो !!
तुमसे हर मुक्तसर मुलाकातों को संभाल कर रखा है !!
तुम्हारे लिए ज़ज़्बातो को मसल्सल कर रखा है !!
समझ नहीं आता तुम ख्याल से जुड़े हो या ख्याल तुमसे !!
बस यार तुमने मुझे आजकल पागल कर रखा है !!
तो क्या हुआ अगर तुम साथ नहीं हो !!
तुम्हारा ख्याल साथ तो है !!
हर बार यु ही नहीं खींचा चला आता हु तुम्हारी ओर !!
तुममे कुछ बात तो है !!

Best hindi poetry lines on life

धीरे धीरे फिर वही होगा !!
मैं रह जाऊंगी अकेली तुम साथ नहीं होगा !!
कहने और करने में फर्क नहीं होगा मेरी जान !!
जैसे मैं करती हु वैसे तुमसे प्यार नहीं होगा !!
ख्याल जब भी कोई मन में आता है !!
शब्दों का एक जाल सा बुन जाता है !!
न जाने किए बड़े आराम से सो जातें हैं कुछ लोग !!
मुझे तो आजकल खुवाब भी खुले आँखों में आता है !!

जितने अपने थे सब पराये !!
जितने अपने थे सब पराये !!
हम हवा को गले लगाए थे !!
जितने कसमे थी सब थी सर्मिन्दा !!
जितने वादे थे सर झुकाये थे !!
jitne आँशु थे सब थे बेगाने !!
जितने महिमां थे सब बिन बुलाये थे !!
सब किताबे पढ़ी पढ़ाई थी !!
सारे किस्से सुने सुनाये थे !!
एक बंजर ज़मीं के सीने में !!
मैंने कुछ आसमान उगाये थे !!
सिर्फ दो घुट प्यास के खातिर !!
उम्र भर धुप में नहाये थे !!
हासिये पर खड़े हुए हैं हम !!
हमने खुद हँसिये बनाये थे !!
मैं अकेला उदाश बैठा था !!

मेरा एक खुवाब मुझसे नफरत करने लगा है !!
मेरी मंजिल था कभी !!
आज अपने ही रास्ता पे निकल पड़ा है !!
कुछ चुभता है आज भी !!
सायद उसका खालीपन हो !!
आज मेरे सच में वो अपने !!
झूठ रखने लगा है !!
मेरे खुवाब मुझसे भी नफरत करने लगा है !!
न सच कभी मैंने सुना !!
न सच कभी उसने कहा !!
न कोई साहिल उसने चुना
ना कोई रास्ता बांकी रहा !!
मेरा एक नशा जैसे !!
वो रोज मरहा की तलब हो गयी हो !!
न कभी जहर उसने दिया !!
और न चैन से मैं जीता रहा !!
अब तो मेरा जिस्म भी !!
खुद को ही निचोड़ने लगा है !!
मेरा एक खुवाब मुझसे ही !!
नफरत करने लगा है !!

तुम्हे इस बात का सायद अहसास नहीं होगा !!
की मेरे कितने ख़ास हो तुम !!
तुम्हारे होने से ज़िंदगी खिल सी जाती है !!
तुम्हे पता नहीं पर सच में !!
मेरे दिल के सबसे पास हो तुम !!
तुम्हारी एक अलग ही जगह है दिल में !!
वो जगह कोई और नहीं ले सकता !!

अब मैं कितने भी लोगो से मिल लू न चाहे !!
तुम्हारे जैसा मुझे कोई मिल ही नहीं सकता !!
तो ये बात दीमांग से निकाल दो !!
तुम्हे भूलता जा रहा हु मैं !!
हां रोज बात नहीं हो पाती !!
उसके लिए माफ़ी चाहता हु मैं !!
मेरी पहली praoririty तुम हो !!
और तुम ही रहोगे !!

अभी तक जैसे साथ रहे हो पर पता है मुझे !!
आगे भी ऐसे ही साथ रहोगे !!
मेरी बाते मेरी किस्से मेरी बकवास !!
सब झेल लिए तुमने !!
मेरा दुःख मेरी दर्द मेरी पदेसानियाँ !!
अपने सर ले लिए तुमने !!
डिअर स्पेशल पर्सन !!
तुम्हे कबसे ये बात बतानी थी !!
तुम वजह हो मेरे मुस्कुराने के !!

हमने प्यार को complicate बना दिया !!
की उसकी अटेंशन पाने के लिए !!
उसी को इगनोर करना पड रहा है तुम्हे !!
रिस्ता चलाना भी चाहते हो !!
पर उसे नाम नहीं देना चाहते हो !!
चूम लेते हो एक दूसरे को !!
पर फीलिंग्स नहीं आने देना चाहते हो !!
कितने दिनों से साथ हो पर !!
कमिटमेंट से डर रहे हो !!
ये जेनरेशन देख लो हमारी !!
हम कैसे प्यार कर रहे हैं !!

रिलेशनशिप के आगे casual लगा दो तो !!
दिल बिच में नहीं आता क्या !!
और दिल को बिच में अभी आना नहीं !!
तुम्हारे पास जो स्वीच है !!
जो प्यार को on ऑफ कर सकते हो तुम !!
इस्पे तो बस किसी का चलता ही नहीं था !!
अब इसे भी कंट्रोल कर सकते हो तुम !!
सालो साल साथ रहने के वाद भी !!
ये एक नहीं होना चाहते !!

बोर न हो जाए एक टाइम के वाद !!
इसलिए स्योर नहीं होना चाहते !!
एक इंसान से मुभ करणे के लिए !!
दूसरे इंसान का इस्तेमाल करते हैं !!
जब तक इसक one साइड हो !!
तब तक सिद्दत वाला प्यार करते हैं !!
सिंपल से चीज़ को उलझा के रखा है !!
और फसा लिए दिल बचा के रखा है !!
प्यार का पूछो तो एकबार भी नहीं हुआ !!
पर ब्रेकअप सौ सौ बार हो रखा है !!
ये इस दुनिया को क्या हों रखा है !!

झूठ पर उसके भरोसा कर लिया !!
धूप इतनी थी की साया कर लिया !!
अब हमारी मुश्किले कुछ कम हुयी !!
दुश्मनो ने एक चेहरा कर लिया !!
हाथ क्या आया सजाकर महफिले !!
और भी खुद को अकेला कर लिया !!
हारने का तो हौसला था ही नहीं !!
जीत में दुश्मन का हिस्सा कर लिया !!

4 लाइन की कविता हिंदी में

मंजिलो पे हम मिले ये तय हुआ !!
वापसी में साथ पक्का कर लिया !!
साड़ी दुनिया से लड़े जिसके लिए !!
एक दिन उससे भी झगड़ा कर लिया !!
कुर्ब का उसके उठाकर फ़ायदा !!
हिज्र का सामान इकठा कर लिया !!
गुफ्तगू से हल्फ कुछ निकला नहीं !!
रंजिसो को और ताज़ा कर लिया !!
मोल था हर चीज का बजार में !!
हमने तन्हाई का सौदा कर लिया !!

अना जो मेरी पस्ती में नहीं है !!
किसी के जी हुजूरी में नहीं है !!
वो अपने को बड़ा गिनने लगा है !!
अभी खुद भी जो गिनती में नहीं है!!
उसे भी पारसाई का है दावा !!
सराफत जिसकी घुठि में नहीं है !!
ये पानी किस तरह कस्ती में आया !!
अगर सुराग कस्ती में नहीं है !!
नई मखतर को भी मिलती है वजारत !!
मगर वो राजनीती में नहीं है !!

वो मेरी अक्स भी है !!
मेरी तस्वीर भी है !!
वो मेरी मुर्शिद भी !!
और मेरी पीर भी है !!

उसकी अहमियत बताना भी ज़रूरी है !!
कविता उसकी अहमियत है !!
क्या बताना भी ज़रूरी है !!
है उससे इश्क़ अग़र तो जताना भी ज़रूरी है !!

तुझे मोहब्बत हो गई है !!
किसी और से मेरे मोहल्ले में !!
दिल मुझसे न सही !!
उसी से लगाने तो आ !!

थोड़ा थक सा जाता हूं अब मै !!
इसलिए दूर निकलना छोड़ दिया है !!
पर ऐसा भी नही हैं कि अब !!
मैंने चलना ही छोड़ दिया है !!

फासलें अक्सर रिश्तों में !!
अजीब सी दूरियां बढ़ा देते हैं !!
पर ऐसा भी नही हैं कि अब मैंने !!
अपनों से मिलना ही छोड़ दिया है !!

हाँ जरा सा अकेला महसूस करता हूँ !!
खुद को अपनों की ही भीड़ में !!
पर ऐसा भी नहीं है कि अब मैंने !!
अपनापन ही छोड़ दिया है !!

याद तो करता हूँ मैं सभी को !!
और परवाह भी करता हूँ सब की !!
पर कितनी करता हूँ !!
बस बताना छोड़ दिया है !!

अभी तो हजारों रंग बदलेगी ये ज़िन्दगी !!
ना तू मुझे भूलना ना मैं तुझे !!
ऐसे ही एक दूसरे की याद के साथ !!
जिंदगी गुजर जाएगी !!

Best poem in hindi

गुजर रही है उम्र !!
पर जीना अभी बाकी हैं !!
जिन हालातों ने पटका है जमीन पर !!
उन्हें उठकर जवाब देना अभी बाकी हैं !!

चल रहा हूँ मन्जिल के सफर मैं !!
मन्जिल कौ पाना अभी बाकी हैं !!
कर लेने दो लोगों को चर्चे मेरी हार के !!
कामयाबी का शोर मचाना अभी बाकी हैं !!

वक्त को करने दो अपनी मनमानी!!
मेरा वक्त आना अभी बाकी है!!
कर रहे है सवाल मुझे जो loser समझ कर!!
उन सबको जवाब देना अभी बाकी हैं!!

यहाँ सब कुछ बिकता है !!
दोस्तों रहना जरा संभल के !!
बेचने वाले हवा भी बेच देते है !!
गुब्बारों में डाल के !!

सच बिकता है, झूट बिकता है !!
बिकती है हर कहानी !!
तीन लोक में फैला है !!
फिर भी बिकता है बोतल में पानी !!

घर में किलकारी गूंजी !!
आज फिर कोई आया है स्वर्ग से !!
पहले क्या कम भीड़ है जमीन पर !!
जो एक ओर पहुंच गया मरने के वास्ते !!

खुशियाँ पसरी हैं चारों ओर !!
बधाई बधाई की आवाजें आ रही है !!
नन्ही मासूम आँखे देख रही है इधर उधर !!
दानवों ने क्यूं घेर रखा है चारों ओर से !!

एक काया हर वक्त परछाई बनी रहती है !!
मुझे हर हाल में जिन्दा रखने के लिये !!
खो देती है अपना चैनो अमन औलाद की खातिर !!
माँ ही तो सचमुच का भगवान होती है !!

अभी से सारी सारी रात नींद ना आती !!
आगे तो पता नही क्या क्या होगा !!
परेशान माँ ने डाट दिया तंग होकर !!
जिन्दगी के पहले कडवे सच मिल रहे है !!

चलो आज घुटनों पर शहर घुमा जाये !!
मेरे दाता ये दुनिया कितनी बड़ी है !!
सारा दिन घूम कर इधर से उधर !!
आखिर में थककर नींद आ जाती है !!

Motivational poem in hindi

आज पहली बार खुद के पैरों पर बाहर आये हैं !!
जाने कहाँ भाग रहा है सारा शहर !!
किसी के पास वक्त नही एक पल ठहरने का !!
घर वापिस चलो माँ को चिंता हो रही होगी !!

आज व्यस्क हो चूका हूँ !!
बचपन जवानी बुढ़ापा सब समझ आ रहा है !!
पड़ोस से किसी बुजुर्ग के मरने की खबर आई !!
आदमी धरती पर आता है सिर्फ मरने के लिये !!

महफूज रास्तों की तलाश छोड़ दो !!
धूप में तप सको तो चलो !!
छोटी-छोटी खुशियों में !!
जिंदगी ढूंढ सको तो चलो !!

तुम ढूंढ रहे हो अंधेरो में रोशनी !!
खुद रोशन कर सको तो चलो !!
कहा रोक पायेगा रास्ता !!
कोई जुनून बचा है तो चलो !!

खुद पर हंसकर दूसरों को हंसा सको तो चलो !!
दूसरों को बदलने की चाह छोड़ कर !!
खुद बदल सको तो चलो !!

माना मुझसे भी होती है गलतियां !!
पर तुम्हारी गलतियों पर भी !!
मै ही मनाऊ जरूरी तो नहीं !!

बहुत वक्त हो गया है तुमसे बात किए !!
शायद भूल चुके हो अब मुझे !!
पर मै भी तुम्हे भूल जाऊ जरूरी तो नहीं !!

निभा रहा हूँ अपना किरदार जिंदंगी के मंच पर !!
परदा गिरते ही तालीयाँ बजना अभी बाकी हैं !!
कुछ नहीं गया हाथ से अभी तो बहुत कुछ पाना बाकी हैं !!

रफ़ीक़-ए-ज़िन्दगी थी !!
अब अनीस-ए-वक़्त-ए-आखिर है !!
तेरा ऎ मौत! हम ये दूसरा एअहसान लेते हैं !!

लिख देता हूं अपने जज्बातों को कविता में!!
हर बात बोल के बताऊं जरूरी तो नहीं !!

Motivational poem in english

जैसा मैं करती हु वैसा !!
तुमसे प्यार नहीं होगा !!

तुम क्यों नहीं समझते बेइंतहा मोहब्बत है तुमसे !!
पर हर वक्त प्यार जताऊ जरूरी तो नहीं !!

बहुत किया था तुमने भी मोहब्बत हमसे !!
पर हमारी इश्क़ की कहानियां सबको सुनाऊ जरूरी तो नहीं !!

उनके हथेली पे कुछ ऐसी लकीर भी है !!
जिससे ज़ाहिर है वो मेरी तक़दीर भी है !!

हम दोनों हैं तो आसमाँ के आज़ाद परिंदे !!
और फिर मैं उनका वो मेरी जंजीर भी है !!

सब के अपने फ़लसफ़े है अपने क़ायदे हैं !!
लेकिन वो मेरी ख़्वाब भी है ताबीर भी है !!

बहोत क़ीमती दौलत संजोह लिया है मैंने !!
मेरी ख़ुशियाँ है एक हसीन जागीर भी है !!

अब काम लफ़्फ़ाज़ी से तुम कब तक चलाओगे !!
उसकी झील सी आंखों में डूब जाना भी ज़रूरी है !!

दिल के ज़ज़्बात तुम दिल मे दबा कर मत रखो !!
उसको देख कर प्यार से मुस्कुराना भी ज़रूरी है !!

उसे ये बारहा कहना वो कितना ख़ूबसूरत है !!
उसे नग्मे मोहब्बत के सुनाना भी ज़रूरी है !!


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